(धारा 438/439 दण्ड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत)
माननीय न्यायालय _________
जनपद – ____________
वाद संख्या : ____________
अपराध संख्या : ____________
धारा : ____________
थाना : ____________
जनपद : ____________
प्रार्थी :
श्री/श्रीमती ____________ पुत्र/पुत्री ____________ निवासी ____________
बनाम
विपक्षी :
राज्य सरकार
अंतरिम जमानत हेतु प्रार्थना पत्र
महोदय,
निवेदन है कि उपरोक्त वाद में प्रार्थी निर्दोष एवं कानून का पालन करने वाला नागरिक है। प्रार्थी को विपक्षियों द्वारा झूठा एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर इस मुकदमे में फँसा दिया गया है। प्रकरण की वास्तविकता एवं तथ्यों का सही ढंग से परीक्षण किए बिना प्रार्थी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर दिया गया है।
यह कि प्रार्थी का किसी प्रकार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है अथवा यदि कोई है भी तो उसका इस वाद से कोई संबंध नहीं है। प्रार्थी समाज में सम्मानित व्यक्ति है तथा न्यायालय से भागने अथवा साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोई संभावना नहीं है।
यह कि प्रार्थी पूर्ण रूप से विवेचना में सहयोग करने के लिए तैयार है तथा जब भी विवेचक अथवा माननीय न्यायालय द्वारा बुलाया जाएगा, उपस्थित होगा।
यह कि प्रार्थी को आशंका है कि पुलिस द्वारा कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है, जिससे प्रार्थी की सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक जीवन एवं व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
यह कि प्रकरण में विवेचना/सुनवाई लंबित है तथा प्रार्थी को तत्काल न्यायिक संरक्षण प्रदान किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।
यह कि प्रार्थी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर नहीं हैं तथा प्रार्थी को अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित होगा।
यह कि माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न निर्णयों में यह प्रतिपादित किया गया है कि यदि अभियुक्त विवेचना में सहयोग करने को तैयार हो तथा उसके फरार होने की संभावना न हो, तो उसे अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जा सकता है।
यह कि प्रार्थी किसी भी शर्त का पालन करने हेतु तैयार है, जो यह माननीय न्यायालय उचित समझे।
आधार (Grounds)
- क्योंकि प्रार्थी निर्दोष है एवं उसे झूठा फँसाया गया है।
- क्योंकि प्रार्थी का कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है।
- क्योंकि प्रार्थी विवेचना में पूर्ण सहयोग करने को तैयार है।
- क्योंकि प्रार्थी के फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
- क्योंकि प्रार्थी समाज में सम्मानित व्यक्ति है।
- क्योंकि गिरफ्तारी से प्रार्थी की प्रतिष्ठा एवं जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
- क्योंकि न्यायहित में प्रार्थी को अंतरिम जमानत दिया जाना आवश्यक है।
- क्योंकि प्रार्थी किसी भी शर्त का पालन करने हेतु तैयार है।
प्रार्थना
अतः श्रीमान जी से विनम्र प्रार्थना है कि न्यायहित में प्रार्थी को उपरोक्त वाद में अंतिम निर्णय/नियत तिथि तक अंतरिम जमानत प्रदान करने की कृपा करें।
इसके लिए प्रार्थी सदा आभारी रहेगा।
दिनांक : ____________
स्थान : ____________
प्रार्थी
हस्ताक्षर : ____________
अधिवक्ता
नाम : ____________
Disclaimer
यह ड्राफ्ट केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी हेतु तैयार किया गया है। किसी भी न्यायालय में प्रस्तुत करने से पूर्व संबंधित अधिवक्ता से तथ्यों एवं लागू कानून के अनुसार आवश्यक संशोधन अवश्य करा लें।
Author
Drafted By: ADV. DS