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समझौता योग्य धाराओं में सुलह हेतु प्रार्थना पत्र.

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सेवा में,
माननीय न्यायालय ____________
जनपद ____________

वाद संख्या : _________ / 20___
अपराध संख्या : ____________
धारा : ____________________
वादी बनाम ____________________

विषय : समझौता योग्य धाराओं में पक्षकारों के मध्य हुए सुलह समझौते के आधार पर वाद निस्तारण हेतु प्रार्थना पत्र।

महोदय,

निवेदकगण सविनय निवेदन करते हैं कि उपरोक्त वाद माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। वाद से संबंधित विवाद आपसी कहासुनी/गलतफहमी के कारण उत्पन्न हुआ था। अब दोनों पक्षकारों के मध्य आपसी बातचीत एवं सम्मानित व्यक्तियों के मध्यस्थता से पूर्ण रूप से सुलह एवं समझौता हो चुका है।

यह कि अब किसी भी पक्ष को एक-दूसरे के विरुद्ध कोई शिकायत अथवा विवाद शेष नहीं है तथा दोनों पक्ष आपसी सौहार्द एवं शांति के साथ रहना चाहते हैं।

यह कि वाद में वर्णित धाराएं समझौता योग्य (Compoundable) प्रकृति की हैं, अतः न्यायहित में पक्षकारों के मध्य हुए समझौते को स्वीकार करते हुए वाद का निस्तारण किया जाना उचित होगा।

अतः श्रीमान जी से विनम्र प्रार्थना है कि पक्षकारों के मध्य हुए समझौते/सुलह को स्वीकार करते हुए नियमानुसार वाद का निस्तारण करने की कृपा करें।

दिनांक : _________

स्थान : __________

प्रार्थी/अभियुक्त
हस्ताक्षर : ____________

वादी/शिकायतकर्ता
हस्ताक्षर : ____________

अधिवक्ता
(एडवोकेट डी.एस.)


Disclaimer:
यह ड्राफ्ट केवल सामान्य शैक्षिक एवं प्रारूप संबंधी जानकारी हेतु तैयार किया गया है। प्रत्येक वाद के तथ्य एवं परिस्थितियां भिन्न हो सकती हैं, अतः न्यायालय में प्रस्तुत करने से पूर्व संबंधित अधिवक्ता से विधिक परामर्श अवश्य प्राप्त करें।

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