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सिविल जवाबदावा (Written Statement)

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सिविल न्यायालय, ________ (जनपद ________)

वाद संख्या: ________ / 20__

वादिनी/वादी:
श्री/श्रीमती ________ पुत्र/पुत्री ________ निवासी ________

बनाम

प्रतिवादी:
श्री/श्रीमती ________ पुत्र/पुत्री ________ निवासी ________


जवाबदावा (Written Statement) प्रतिवादी की ओर से

मान्यवर,

प्रतिवादी निम्नलिखित निवेदन आदरपूर्वक प्रस्तुत करता/करती है—

1.

यह कि वादी द्वारा प्रस्तुत वाद पत्र असत्य, भ्रामक एवं तथ्यों से परे है, जिसे मात्र प्रतिवादी को अनावश्यक रूप से परेशान करने एवं अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दाखिल किया गया है। वादी का दावा विधि एवं तथ्यों दोनों के आधार पर अस्थिर है।

2.

यह कि वादी ने वाद पत्र में जो कथन किए हैं, वे पूर्णतः निराधार हैं तथा प्रतिवादी उन्हें सिरे से नकारता/नकारती है। वादी ने वास्तविक तथ्यों को छिपाकर न्यायालय को भ्रमित करने का प्रयास किया है।

3.

यह कि वादी और प्रतिवादी के मध्य कथित विवाद का वास्तविक स्वरूप वादी द्वारा प्रस्तुत किए गए विवरण से भिन्न है। प्रतिवादी का कथन है कि वादी स्वयं अपने कृत्यों के कारण विवाद उत्पन्न करने हेतु जिम्मेदार है।

4.

यह कि वादी ने वाद पत्र में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, वे अपूर्ण, संदिग्ध एवं कानूनन प्रमाणिक नहीं हैं। अतः उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

5.

यह कि वादी द्वारा मांगी गई राहत पूर्णतः अनुचित एवं कानून के विरुद्ध है। वादी इस न्यायालय से किसी भी प्रकार की राहत पाने का हकदार नहीं है।

6.

यह कि वादी का वाद समय-सीमा (Limitation) के अंतर्गत नहीं आता/या समय-सीमा से बाधित है (यदि लागू हो), अतः यह वाद प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए।

7.

यह कि प्रतिवादी ने कोई ऐसा कार्य नहीं किया है जिससे वादी को कोई क्षति या हानि पहुँची हो। वादी द्वारा लगाए गए सभी आरोप असत्य एवं मनगढ़ंत हैं।


प्रार्थना (Prayer)

अतः माननीय न्यायालय से निवेदन है कि—

  1. वादी द्वारा प्रस्तुत वाद को निरस्त/खारिज किया जाए।
  2. प्रतिवादी के पक्ष में वाद व्यय (Cost) दिलाया जाए।
  3. न्यायालय उचित समझे तो अन्य कोई राहत भी प्रदान की जाए।

दिनांक: ________
स्थान: ________

प्रतिवादी
(हस्ताक्षर)

अधिवक्ता
नाम: ________
नामांकन संख्या: ________


Disclaimer (अस्वीकरण)

यह ड्राफ्ट केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी विशिष्ट मामले में उपयोग करने से पूर्व संबंधित अधिवक्ता से परामर्श अवश्य लें। लेखक/प्रदाता किसी भी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।


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