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परिवाद पत्र (Complaint Case Draft)

1712324983084

न्यायालय का नाम:
माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, _______ (जनपद)

परिवाद संख्या: _______ / 20__
धारा: धारा 200 CrPC धारा 200 के अंतर्गत परिवाद


परिवादी (Complainant):

नाम: _______
पिता/पति: _______
निवासी: _______

विरुद्ध

प्रतिवादीगण (Accused):

  1. नाम: _______
  2. नाम: _______
    निवासी: _______

विषय:

प्रतिवादीगण द्वारा आपराधिक कृत्य किए जाने के संबंध में परिवाद पत्र


महोदय,

  1. यह कि परिवादी एक सभ्य, कानून का पालन करने वाला एवं सम्मानित नागरिक है, जो उपरोक्त पते पर अपने परिवार सहित निवास करता है तथा समाज में उसकी प्रतिष्ठा है।
  2. यह कि दिनांक ___ को समय लगभग ___ बजे, प्रतिवादीगण ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत एकत्र होकर परिवादी के साथ गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी दी। प्रतिवादीगण का आचरण अत्यंत आपराधिक एवं असामाजिक था।
  3. यह कि उक्त घटना के दौरान प्रतिवादीगण ने परिवादी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से गंभीर क्षति पहुँचाई, जिससे परिवादी को अपमान, भय एवं पीड़ा का सामना करना पड़ा।
  4. यह कि घटना के समय आस-पास के कई व्यक्तियों ने उक्त घटना को देखा, जो कि इस प्रकरण के महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। उनके बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
  5. यह कि परिवादी ने उक्त घटना के संबंध में थाना _______ में लिखित शिकायत दी, किन्तु पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिससे परिवादी को न्याय मिलने में विलंब हो रहा है।
  6. यह कि प्रतिवादीगण के उक्त कृत्य प्रथम दृष्टया अपराध की श्रेणी में आते हैं, जो कि IPC धारा 323, IPC धारा 504, IPC धारा 506 तथा अन्य लागू धाराओं के अंतर्गत दंडनीय हैं।
  7. यह कि परिवादी के पास इस घटना से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य, दस्तावेज एवं गवाह उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर प्रतिवादीगण के विरुद्ध अभियोजन चलाया जाना न्यायोचित एवं आवश्यक है।
  8. यह कि न्यायहित एवं विधि के शासन को बनाए रखने हेतु यह आवश्यक है कि माननीय न्यायालय इस प्रकरण का संज्ञान लेकर प्रतिवादीगण के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करने का आदेश प्रदान करें।

प्रार्थना (Prayer):

अतः महोदय से सविनय निवेदन है कि—

  1. प्रतिवादीगण के विरुद्ध प्रस्तुत परिवाद का संज्ञान लिया जाए।
  2. परिवादी एवं उसके गवाहों के कथन दर्ज किए जाएँ।
  3. प्रतिवादीगण के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही/समन जारी करने का आदेश पारित किया जाए।
  4. न्यायहित में अन्य उपयुक्त आदेश पारित करने की कृपा करें।

दिनांक: _______

स्थान: _______

परिवादी
(हस्ताक्षर)


घोषणा (Disclaimer):

यह ड्राफ्ट केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षणिक उद्देश्य हेतु तैयार किया गया है। प्रत्येक मामले के तथ्य अलग होते हैं, अतः वास्तविक उपयोग से पूर्व योग्य अधिवक्ता से परामर्श लेकर आवश्यक संशोधन करना उचित रहेगा।


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