🧾 📑 COMPLAINT UNDER SECTION 138 OF NEGOTIABLE INSTRUMENTS ACT, 1881
IN THE COURT OF HON’BLE JUDICIAL MAGISTRATE FIRST CLASS, _______ (DISTRICT _______)
Complaint Case No. ______ / 20___
IN THE MATTER OF:
Complainant (वादी):
नाम: __________
पिता का नाम: __________
उम्र: __________
पता: __________
VERSUS
Accused (आरोपी):
नाम: __________
पिता का नाम: __________
उम्र: __________
पता: __________
🏷️ COMPLAINT UNDER SECTION 138 OF NEGOTIABLE INSTRUMENTS ACT, 1881
🧾 MOST RESPECTFULLY SHOWETH:
- कि वादी एक कानून का पालन करने वाला नागरिक है तथा वर्तमान पते पर निवास करता है और इस माननीय न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है।
- कि आरोपी भी उपरोक्त पते का निवासी है और वादी के साथ उसके अच्छे सामाजिक एवं व्यावसायिक संबंध रहे हैं, जिसके कारण दोनों के बीच विश्वास का संबंध स्थापित हुआ।
- कि दिनांक ______ को आरोपी ने अपनी व्यक्तिगत/व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए वादी से ₹________ (राशि शब्दों में __________) उधार लिए और आश्वासन दिया कि वह उक्त राशि निर्धारित समय में लौटा देगा।
- कि उक्त ऋण के भुगतान हेतु आरोपी ने वादी के पक्ष में चेक संख्या ______ दिनांक ______, बैंक ______ शाखा ______ का जारी किया, जो कि आरोपी के खाते से संबंधित है।
- कि वादी ने आरोपी के कथन एवं विश्वास के आधार पर उक्त चेक को स्वीकार किया और उसे अपने बैंक ______ शाखा ______ में दिनांक ______ को प्रस्तुत किया।
- कि अत्यंत आश्चर्य एवं निराशा की बात है कि उक्त चेक बैंक द्वारा “Insufficient Funds / Funds Insufficient” कारण दर्शाते हुए दिनांक ______ को अस्वीकृत (Dishonoured) कर दिया गया।
- कि बैंक द्वारा जारी रिटर्न मेमो (Cheque Return Memo) इस शिकायत के साथ संलग्न किया जा रहा है, जो कि आरोपी की धोखाधड़ीपूर्ण मंशा को स्पष्ट करता है।
- कि वादी ने तत्पश्चात विधि अनुसार आरोपी को दिनांक ______ को एक विधिक नोटिस (Legal Notice) पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा, जिसमें 15 दिनों के भीतर भुगतान करने की मांग की गई।
- कि उक्त नोटिस आरोपी को विधिवत प्राप्त हो गया, परंतु आरोपी ने जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया।
- कि आरोपी का यह कृत्य स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि उसने वादी को धोखा देने के उद्देश्य से चेक जारी किया और यह कृत्य Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
- कि वादी के पास आरोपी के विरुद्ध prima facie साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि आरोपी ने जानबूझकर चेक जारी कर वादी को आर्थिक हानि पहुंचाई।
- कि इस शिकायत का कारण-ए-दावा (Cause of Action) दिनांक ______ को उत्पन्न हुआ, जब आरोपी ने नोटिस की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी भुगतान नहीं किया।
- कि यह माननीय न्यायालय इस वाद की सुनवाई करने के लिए पूर्णतः सक्षम एवं अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) रखता है क्योंकि चेक इसी क्षेत्र में प्रस्तुत किया गया तथा नोटिस भी इसी क्षेत्र से भेजा गया।
- कि यह शिकायत विधि द्वारा निर्धारित समयसीमा (Limitation Period) के भीतर प्रस्तुत की जा रही है और किसी भी प्रकार से समयबद्धता का उल्लंघन नहीं हुआ है।
- कि वादी ने इस मामले में किसी अन्य न्यायालय में कोई समान वाद प्रस्तुत नहीं किया है।
⚖️ CAUSE OF ACTION (कारण-ए-दावा):
यह कारण-ए-दावा दिनांक ______ को उत्पन्न हुआ जब आरोपी द्वारा विधिक नोटिस की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी भुगतान नहीं किया गया।
📍 JURISDICTION (क्षेत्राधिकार):
यह माननीय न्यायालय इस मामले की सुनवाई करने हेतु सक्षम है क्योंकि:
- चेक इसी क्षेत्र में प्रस्तुत किया गया
- बैंक शाखा इसी क्षेत्र में स्थित है
- नोटिस इसी क्षेत्र से भेजा गया
🙏 PRAYER (प्रार्थना):
अतः उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर माननीय न्यायालय से सविनय निवेदन है कि:
- आरोपी के विरुद्ध धारा 138 NI Act के अंतर्गत संज्ञान लिया जाए।
- आरोपी को समन जारी कर न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया जाए।
- आरोपी को विधि अनुसार कठोर दंड प्रदान किया जाए।
- आरोपी को चेक राशि ₹________ के साथ उचित क्षतिपूर्ति (Compensation) एवं ब्याज अदा करने हेतु निर्देशित किया जाए।
- वादी को न्याय दिलाने हेतु अन्य उपयुक्त आदेश पारित किए जाएं।
📎 LIST OF DOCUMENTS (संलग्नक):
- मूल चेक (Original Cheque)
- बैंक रिटर्न मेमो
- विधिक नोटिस की प्रति
- डाक रसीद/स्पीड पोस्ट रसीद
- नोटिस डिलीवरी का प्रमाण (Tracking Report)
- अन्य संबंधित साक्ष्य
दिनांक: ______
स्थान: ______
Complainant (वादी)
हस्ताक्षर: __________
Through Counsel (Advocate)
नाम: __________
पता: __________
नामांकन संख्या: __________
हस्ताक्षर: __________
🔥 💡 प्रो टिप (Advocate Level Tips)
✔️ Complaint के साथ Affidavit under Section 200 CrPC जरूर लगाओ
✔️ Notice proof (Tracking report) बहुत जरूरी होता है
✔️ अगर signature deny हो तो handwriting expert की जरूरत पड़ सकती है
✔️ Bank memo original रखना मत भूलना
✔️ Filing delay हुआ तो condonation application लगानी पड़ेगी
⚠️ DISCLAIMER (अस्वीकरण)
यह Draft केवल शैक्षिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रत्येक केस के तथ्य अलग-अलग होते हैं, इसलिए इस Draft को बिना संशोधन सीधे उपयोग करना उचित नहीं है। किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले योग्य अधिवक्ता से परामर्श अवश्य लें। लेखक किसी भी प्रकार की हानि या परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
✅ निष्कर्ष (Conclusion)
👉 यह 1000+ words का Complaint Draft पूरी तरह कोर्ट-रेडी बेस फॉर्मेट है
👉 इसमें सभी जरूरी एलिमेंट्स (Facts, Cause of Action, Jurisdiction, Prayer) शामिल हैं
👉 सही डिटेल्स भरकर इसे सीधे दाखिल किया जा सकता है
(Author:)
Advocate (D.S. YADAV)
Experience: 7 Years
Practice Area: Criminal Law,Civil Law etc.