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भरण-पोषण हेतु प्रार्थना पत्र (धारा 125 BNSS/पूर्व CrPC)

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सेवा में,
माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय/माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद ____________

वादिनी : श्रीमती ____________
पत्नी श्री ____________
निवासी ____________

बनाम

प्रतिवादी : श्री ____________
पुत्र ____________
निवासी ____________

धारा 125 BNSS (पूर्व धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता) के अन्तर्गत भरण-पोषण दिलाये जाने हेतु प्रार्थना पत्र

महोदय,

निम्नलिखित निवेदन प्रस्तुत है :-

विस्तृत आधार / Long Grounds

  1. यह कि वादिनी का विवाह प्रतिवादी के साथ दिनांक //_____ को हिन्दू रीति-रिवाज एवं सामाजिक परम्पराओं के अनुसार सम्पन्न हुआ था। विवाह में वादिनी के परिवार द्वारा अपनी सामर्थ्य के अनुसार पर्याप्त दान-दहेज एवं घरेलू सामान दिया गया था।
  2. यह कि विवाह के उपरांत कुछ समय तक वादिनी का वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चलता रहा, किन्तु बाद में प्रतिवादी एवं उसके परिवारजन अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे तथा मांग पूरी न होने पर वादिनी को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
  3. यह कि प्रतिवादी छोटी-छोटी बातों पर वादिनी के साथ गाली-गलौज, मारपीट एवं अपमानजनक व्यवहार करता था, जिससे वादिनी का जीवन अत्यंत कष्टमय हो गया।
  4. यह कि वादिनी ने कई बार पारिवारिक संबंधों को बचाने का प्रयास किया तथा अपने मायके पक्ष एवं सम्मानित व्यक्तियों के माध्यम से समझौता कराने का प्रयास कराया, किन्तु प्रतिवादी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।
  5. यह कि अंततः प्रतिवादी एवं उसके परिवारजन द्वारा वादिनी को घर से निकाल दिया गया, जिसके कारण वादिनी वर्तमान में अपने मायके में रहने को विवश है।
  6. यह कि प्रतिवादी ने वादिनी के खान-पान, वस्त्र, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक खर्चों हेतु कोई धनराशि उपलब्ध नहीं करायी तथा न ही कभी वादिनी को वापस अपने साथ रखने का ईमानदार प्रयास किया।
  7. यह कि वादिनी के पास स्वयं की आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है तथा वह पूर्णतः असहाय एवं प्रतिवादी पर आश्रित है।
  8. यह कि प्रतिवादी आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति है तथा वह नौकरी/व्यवसाय/कृषि आदि से लगभग ₹________ प्रतिमाह आय अर्जित करता है। इसके अतिरिक्त प्रतिवादी के पास चल-अचल संपत्तियाँ भी हैं, जिससे वह भरण-पोषण देने में पूर्णतः सक्षम है।
  9. यह कि प्रतिवादी जानबूझकर एवं दुर्भावनावश वादिनी का भरण-पोषण नहीं कर रहा है, जबकि विधि अनुसार पत्नी का भरण-पोषण करना प्रतिवादी का वैधानिक एवं नैतिक दायित्व है।
  10. यह कि वादिनी को भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा एवं दैनिक जीवन यापन हेतु प्रतिमाह कम से कम ₹________ की आवश्यकता है।
  11. यह कि वादिनी के पास इस माननीय न्यायालय के अतिरिक्त अन्य कोई प्रभावी वैधानिक उपाय उपलब्ध नहीं है।

प्रार्थना

अतः माननीय न्यायालय से सादर प्रार्थना है कि कृपया—

  1. प्रतिवादी को आदेशित किया जाये कि वह वादिनी को ₹________ प्रतिमाह भरण-पोषण राशि अदा करे।
  2. वाद विचाराधीन रहने तक अंतरिम भरण-पोषण भी प्रदान किये जाने का आदेश पारित किया जाये।
  3. न्यायहित में अन्य उचित आदेश पारित करने की कृपा की जाये।

दिनांक : //_____
स्थान : ____________

प्रार्थिनी
(श्रीमती ____________)

अधिवक्ता


सत्यापन

मैं, उपरोक्त प्रार्थिनी, यह सत्यापित करती हूँ कि प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्य मेरे व्यक्तिगत ज्ञान एवं विश्वास पर आधारित सत्य एवं सही हैं।

दिनांक : //_____

प्रार्थिनी


Disclaimer: यह ड्राफ्ट केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षिक उद्देश्य हेतु तैयार किया गया है। वास्तविक वाद के तथ्यों एवं परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संशोधन अवश्य करें।

Author: LegalSkill.in

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