👉 अदालतों के नाम भी अक्सर शॉर्ट फॉर्म में इस्तेमाल होते हैं जैसे SC, HC, DJ Court, CJM Court आदि।
👉 लेकिन इनका पूरा नाम (Full Form) और काम समझना हर वकील, लॉ स्टूडेंट और आम व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है।
इस पोस्ट में आपको Court Short Name vs Full Name पूरी जानकारी मिलेगी — स्टाइलिश, नंबरिंग और फोटो सहित 🔥
🏛️ 1. SC vs Supreme Court (सुप्रीम कोर्ट)

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👉 SC (Supreme Court of India)
यह भारत की सबसे बड़ी और सर्वोच्च अदालत है।
✔️ स्थान: नई दिल्ली
✔️ अधिकार: पूरे भारत पर लागू
✔️ कार्य:
- संविधान की व्याख्या
- अंतिम अपील सुनना
- रिट याचिका सुनना
🔥 खास बात: इसका फैसला अंतिम होता है, इसके ऊपर कोई कोर्ट नहीं है।
⚖️ 2. HC vs High Court (उच्च न्यायालय)
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👉 HC (High Court)
हर राज्य या राज्यों के समूह के लिए होता है।
✔️ उदाहरण: इलाहाबाद हाई कोर्ट
✔️ कार्य:
- निचली अदालतों के फैसलों पर अपील
- रिट याचिका सुनना
🔥 खास बात: यह राज्य का सर्वोच्च न्यायालय होता है।
🏢 3. DJ Court vs District Judge Court

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👉 DJ Court (District Judge Court)
जिले की सबसे बड़ी अदालत होती है।
✔️ कार्य:
- सिविल और क्रिमिनल दोनों मामलों की सुनवाई
- अपील सुनना
🔥 खास बात: जिले का मुख्य न्यायिक अधिकारी District Judge होता है।
⚖️ 4. CJM Court vs Chief Judicial Magistrate Court


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👉 CJM Court (Chief Judicial Magistrate)
यह क्रिमिनल मामलों की महत्वपूर्ण अदालत होती है।
✔️ कार्य:
- गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई
- पुलिस रिपोर्ट पर कार्यवाही
🔥 खास बात: Magistrate Courts में सबसे वरिष्ठ CJM होता है।
📝 5. JM Court vs Judicial Magistrate Court

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👉 JM Court (Judicial Magistrate)
यह निचली अदालत होती है जहां छोटे क्रिमिनल केस चलते हैं।
✔️ प्रकार:
- JM First Class
- JM Second Class
🔥 खास बात: अधिकतर FIR वाले केस यहीं से शुरू होते हैं।
🏛️ 6. Sessions Court vs सत्र न्यायालय

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👉 Sessions Court
यह गंभीर आपराधिक मामलों की अदालत होती है।
✔️ उदाहरण: हत्या, बलात्कार
✔️ कार्य:
- ट्रायल चलाना
- सजा देना
🔥 खास बात: Death Penalty भी यहीं से दी जा सकती है (HC की पुष्टि जरूरी)।
📂 7. Family Court vs परिवार न्यायालय

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👉 Family Court
परिवार से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालत।
✔️ केस:
- तलाक
- भरण-पोषण
- बच्चे की कस्टडी
🔥 खास बात: यहां समझौते को प्राथमिकता दी जाती है।
🏢 8. Civil Court vs दीवानी न्यायालय

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👉 Civil Court
यह सिविल मामलों की अदालत होती है।
✔️ केस:
- जमीन विवाद
- पैसे का लेन-देन
🔥 खास बात: इसमें जेल की सजा नहीं होती, केवल अधिकार तय होते हैं।
⚖️ 9. Labour Court vs श्रम न्यायालय

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👉 Labour Court
कर्मचारी और नियोक्ता के विवादों के लिए।
✔️ केस:
- नौकरी से निकाला जाना
- वेतन विवाद
🔥 खास बात: मजदूरों के अधिकार की रक्षा करता है।
🏛️ 10. Tribunal vs अधिकरण

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👉 Tribunal (अधिकरण)
विशेष मामलों के लिए बनाई गई अदालत।
✔️ उदाहरण:
- NGT (Environment)
- NCLT (Company matters)
🔥 खास बात: यह सामान्य कोर्ट से अलग विशेषज्ञ अदालत होती है।
🔥 निष्कर्ष (Conclusion)
👉 कोर्ट के शॉर्ट नाम और उनके फुल फॉर्म को समझना बेहद जरूरी है।
👉 इससे आपको पता चलता है कि कौन सा केस किस कोर्ट में जाएगा।
👉 सही कोर्ट चुनना ही केस जीतने की पहली सीढ़ी है।
✔️ याद रखें:
- SC = सबसे ऊपर
- HC = राज्य स्तर
- District & Magistrate = निचली अदालत
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी केस में कोर्ट का चयन, प्रक्रिया और कार्यवाही मामले के तथ्यों पर निर्भर करती है। इसलिए किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले योग्य अधिवक्ता से सलाह अवश्य लें। कानून समय-समय पर बदलते रहते हैं।
Author:)
Advocate (D.S. YADAV)
Experience: 7 Years
Practice Area: Criminal Law,Civil Law etc.